दो नवंबर की घटना पर प्रतिक्रिया
त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और माकपा नेता माणिक सरकार ने सोनामुरा उपखंड के आसावरी गांव में दो BSF कर्मियों पर कथित हमले की निंदा की है। उन्होंने 2 नवंबर की घटना को अस्वीकार्य बताते हुए पुलिस और सीमा सुरक्षा बल से तथ्य सामने लाने के लिए समन्वित जांच का आग्रह किया।
तनाव कैसे बढ़ने का विवरण दिया
ANI आधारित रिपोर्ट में सरकार के हवाले से कहा गया कि कथित अवैध सीमा लेनदेन रोकने के प्रयास के दौरान एक व्यक्ति घायल हुआ था। इसके बाद कुछ लोगों ने सड़क रोककर विरोध किया। उनके अनुसार अलग से वहां से गुजर रहे और पहले विवाद से अनजान दो अन्य BSF कर्मियों को रोककर गंभीर चोट पहुंचाई गई। यह विवरण जांच के अंतिम निष्कर्ष का विकल्प नहीं है।
शिकायत के लिए कानूनी रास्ते पर जोर
सरकार ने कहा कि यदि सुरक्षा कर्मियों की किसी कार्रवाई से शिकायत थी तो संबंधित लोगों को थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी। उन्होंने किसी दूसरे कर्मी पर हमला करने और कानून हाथ में लेने का विरोध किया।
गिरफ्तारियों और आगे कार्रवाई की स्थिति
सरकार ने करीब दस लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने की बात कही। यह संख्या उनके बयान पर आधारित है। उन्होंने सीमा अपराध रोकने में स्थानीय पुलिस के सहयोग और निष्पक्ष जांच की जरूरत बताई। सभी स्थानीय निवासियों को हमले का जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।
त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार की फाइल फोटो।




