छोटे उद्योगों की जमीन जरूरत पर ध्यान
मध्य प्रदेश सरकार ने 2028 तक 30 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने और पांच हजार उद्योगों को भूखंड उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। इंडियन मास्टरमाइंड्स की 4 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्थापना दिवस से जुड़े उद्यमी संवाद में छोटे तथा मझोले उद्योगों के बुनियादी ढांचे की योजनाएं बताईं।
निजी औद्योगिक पार्क के लिए सहायता
प्रस्तावित व्यवस्था में निजी निवेशक भी MSME औद्योगिक पार्क विकसित कर सकेंगे। इसके लिए 50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर सहायता की बात कही गई है। छोटे भूखंड, बहुमंजिला फैक्टरी और तैयार बुनियादी सुविधाओं वाले परिसर विकसित करना उद्देश्य है। सहायता की पात्रता अंतिम लागू नियमों से तय होगी।
अलग सरकारी कंपनी का प्रस्ताव
राज्य के पूर्ण स्वामित्व वाली MSME औद्योगिक विकास कंपनी बनाने की योजना है। यह छोटे उद्योगों के लिए भूमि की पहचान, अधिग्रहण, आवंटन और प्रबंधन के साथ सड़क, बिजली, पानी तथा नाली जैसी सुविधाओं पर केंद्रित होगी। सरकार के अनुसार लगभग 22 जिलों में मौजूदा औद्योगिक जमीन की उपलब्धता समाप्त हो चुकी है।
लक्ष्य और तैयार सुविधाएं अलग
हर जिले में जमीन उपलब्ध कराने के लिए अगले दो महीने का लक्ष्य भी बताया गया। ये भविष्य के विकास तथा आवंटन की योजनाएं हैं; पांच हजार उद्योग स्थापित हो जाने की घोषणा नहीं। वास्तविक अवसर संबंधित विभाग की स्वीकृति, भूखंड सूची और आवेदन प्रक्रिया से स्पष्ट होंगे।
औद्योगिक क्षेत्र की सांकेतिक फाइल फोटो; यह रेजिनगर, पश्चिम बंगाल का दृश्य है।




