लिखित शिकायत में क्या कहा
माकपा नेता माणिक डे ने त्रिपुरा राज्य निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत देकर उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने में कथित बाधा और डराने-धमकाने का मुद्दा उठाया है। ANI आधारित रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने पत्रकारों से कहा कि कई प्रत्याशियों को पर्चे जमा करने से रोका गया और समर्थकों में भय का माहौल बना।
हमले और तोड़फोड़ के आरोप
डे ने कथित हमलों तथा संपत्ति में तोड़फोड़ की घटनाओं का उल्लेख किया। उनका दावा है कि पहले भी अधिकारियों को वीडियो प्रमाण दिए गए थे, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने हाल की घटनाओं का विवरण भी आयोग तक पहुंचाने की बात कही। ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं; उपलब्ध रिपोर्ट में आयोग की जांच का कोई निष्कर्ष नहीं दिया गया है।
नामांकन केंद्रों पर सुरक्षा की मांग
माकपा नेता ने 5 और 6 नवंबर को नामांकन केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने जरूरत पड़ने पर अधिकारियों की उपस्थिति में सहायक निर्वाचन अधिकारी के सामने दस्तावेज जमा करने की इच्छा भी जताई। उद्देश्य सभी प्रत्याशियों को समान अवसर देना बताया गया।
आगे किस पर नजर रहेगी
अब आयोग की ओर से सुरक्षा और शिकायत पर कार्रवाई की जानकारी महत्वपूर्ण होगी। उपलब्ध समाचार में संबंधित प्रशासन या दूसरे राजनीतिक पक्ष का विस्तृत जवाब दर्ज नहीं है। किसी आरोप को सिद्ध अपराध या अंतिम निर्वाचन निर्णय नहीं माना गया है।
त्रिपुरा विधानसभा भवन की फाइल फोटो।




