केंद्र ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के दूसरे चरण की अवधि मार्च 2028 तक बढ़ा दी है। इंडियन एक्सप्रेस की 4 नवंबर को अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय की अनुमति मिली है।
इस चरण में गांवों की खुले में शौच से मुक्ति बनाए रखने के साथ ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन तथा दृश्य स्वच्छता पर जोर है। रिपोर्ट के मुताबिक शेष गांवों को 31 मार्च 2028 तक ODF Plus प्रमाणन दिलाने का निर्देश है।
रिपोर्ट में 2027–28 के केंद्रीय बजट में करीब सात हजार करोड़ रुपये रखने की संभावना बताई गई है। यह संभावित आवंटन है, अंतिम पारित बजट नहीं। योजना की अवधि बढ़ने और किसी खास गांव में काम पूरा होने को अलग-अलग समझना चाहिए।
कुल्लू के पास सार्वजनिक शौचालय की 2004 की पुरानी तस्वीर; नई योजना की परियोजना नहीं।




