सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के लिए मौजूदा नियामक ढांचे में बड़े बदलाव पर चर्चा कर रहा है। 5 नवंबर की इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट के अनुसार उपयोगकर्ताओं के पोस्ट के लिए मिलने वाले सेफ हार्बर कानूनी संरक्षण को सीमित करने का विचार भी चर्चा में है।
मंत्रालय के भीतर यह तर्क सामने आया है कि एल्गोरिदम से सामग्री चुनने और फैलाने वाले मंच केवल निष्क्रिय वाहक नहीं हैं। रिपोर्ट प्रस्तावित विचार-विमर्श पर आधारित है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब या एक्स का संरक्षण तत्काल समाप्त हो गया है, ऐसा कोई अंतिम लागू फैसला इस खबर में नहीं बताया गया है।
स्मार्टफोन पर सोशल मीडिया ऐप की प्रतीकात्मक तस्वीर।




