सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा तथा संसदीय सीटों का अनिवार्य रोटेशन कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। इंडियन एक्सप्रेस की 5 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने इसे विधायिका के निर्णय का विषय बताया।
उत्तर प्रदेश की कादीपुर विधानसभा सीट से जुड़े याचिकाकर्ता ने लंबे समय तक एक ही सीट आरक्षित रहने पर आपत्ति उठाई थी। याचिका में परिसीमन कानून के प्रावधान को चुनौती दी गई थी।
इस कार्यवाही से सीटों के आरक्षण या परिसीमन में कोई नई व्यवस्था लागू नहीं हुई है। अदालत की टिप्पणी और कानून में वास्तविक बदलाव अलग बातें हैं; बदलाव के लिए संबंधित संवैधानिक और विधायी प्रक्रिया आवश्यक होगी।
सुप्रीम कोर्ट भवन की 11 दिसंबर 2019 की पुरानी तस्वीर; वर्तमान सुनवाई का दृश्य नहीं।




