स्वतंत्र आवाज़। नई नज़र। MAPMYTIMES हिन्दी
MapMyTimesहिन्दी
English ↗

आरक्षित संसदीय और विधानसभा सीटों के अनिवार्य रोटेशन की याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसी व्यवस्था पर निर्णय विधायिका का विषय है। याचिका में सीटों के लंबे समय तक आरक्षित रहने का मुद्दा उठाया गया था।

सुप्रीम कोर्ट भवन की 11 दिसंबर 2019 की पुरानी तस्वीर; वर्तमान सुनवाई का दृश्य नहीं।
गलती बताएं

सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा तथा संसदीय सीटों का अनिवार्य रोटेशन कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। इंडियन एक्सप्रेस की 5 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने इसे विधायिका के निर्णय का विषय बताया।

उत्तर प्रदेश की कादीपुर विधानसभा सीट से जुड़े याचिकाकर्ता ने लंबे समय तक एक ही सीट आरक्षित रहने पर आपत्ति उठाई थी। याचिका में परिसीमन कानून के प्रावधान को चुनौती दी गई थी।

इस कार्यवाही से सीटों के आरक्षण या परिसीमन में कोई नई व्यवस्था लागू नहीं हुई है। अदालत की टिप्पणी और कानून में वास्तविक बदलाव अलग बातें हैं; बदलाव के लिए संबंधित संवैधानिक और विधायी प्रक्रिया आवश्यक होगी।

स्रोत · फोटो स्रोत

सुप्रीम कोर्ट भवन की 11 दिसंबर 2019 की पुरानी तस्वीर; वर्तमान सुनवाई का दृश्य नहीं।