संगरूर की चुनौती के बाद प्रतिक्रिया
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को सात बिंदुओं वाला सार्वजनिक संदेश दिया है। 5 नवंबर की ANI-आधारित द न्यूज मिल रिपोर्ट के अनुसार यह प्रतिक्रिया कांग्रेस नेता द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमने-सामने बहस की चुनौती दिए जाने के बाद आई।
रिजिजू के संदेश के प्रमुख बिंदु
रिजिजू ने राहुल से भारत में अधिक समय बिताने, वरिष्ठ नेताओं से सीखने और भाजपा को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखने की बात कही। विदेश यात्राओं तथा कुछ मुलाकातों को लेकर उन्होंने आरोप भी लगाए। ये उनके राजनीतिक दावे हैं।
उन्होंने संसद की बहस और चर्चाओं में सांसदों को भाग लेने देने, संविधान तथा संस्थाओं का सम्मान करने और कांग्रेस के भीतर लोकतांत्रिक कामकाज बढ़ाने को कहा। संदेश में कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर भी टिप्पणी की गई।
विवाद का राजनीतिक संदर्भ
राहुल गांधी ने संगरूर की इंसाफ रैली में अपनी बहस की चुनौती दोहराई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री से मंच, स्थान और निर्णायक तय करने की बात कही। दोनों पक्षों के बीच यह बयानबाजी व्यापक चुनावी और राजनीतिक टकराव के बीच हुई है।
रिजिजू का संदेश सरकार द्वारा जारी कोई संसदीय नियम या विपक्ष पर कानूनी आदेश नहीं है। इसी तरह बहस की चुनौती देना उसके वास्तव में तय हो जाने का प्रमाण नहीं है। औपचारिक कार्यक्रम की घोषणा अलग से आवश्यक होगी।
नई दिल्ली के संसद भवन की फाइल फोटो।




