सिर्फ जहाज मार्ग की सुरक्षा पर्याप्त नहीं
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में 4 नवंबर को इंडो-पैसिफिक रीजनल डायलॉग में समुद्री सुरक्षा की व्यापक जरूरतों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहाजों के मार्गों के साथ बंदरगाहों, समुद्र के नीचे डेटा केबल, अपतटीय ऊर्जा प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण संसाधनों की सुरक्षा भी आवश्यक है।
बदलते खतरों का उल्लेख
ANI आधारित रिपोर्ट के मुताबिक रक्षामंत्री ने पारंपरिक सैन्य गतिविधियों के अलावा समुद्री डकैती, तस्करी, अवैध मछली पकड़ने, साइबर हमलों और प्राकृतिक आपदाओं को चुनौती बताया। उन्होंने समुद्री क्षेत्रों में क्या हो रहा है, इसकी लगातार जानकारी और बदलती परिस्थितियों के अनुकूल रणनीति पर जोर दिया।
अर्थव्यवस्था से जुड़ा समुद्री ढांचा
बंदरगाह, तेल-गैस संबंधी प्रतिष्ठान और संचार केबल व्यापार तथा डिजिटल संपर्क के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। इसलिए इनका संरक्षण केवल समुद्री गश्त का विषय नहीं, अनेक एजेंसियों के समन्वय और निगरानी का प्रश्न भी है। भाषण में समेकित सुरक्षा दृष्टिकोण और समुद्री क्षेत्र की जानकारी मजबूत करने की जरूरत सामने रखी गई।
नीतिगत संबोधन की वर्तमान स्थिति
यह समाचार रक्षामंत्री के संबोधन और उसमें रखी प्राथमिकताओं पर आधारित है। रिपोर्ट में किसी नए सैन्य अभियान, बंदरगाह पर हमले या संचार केबल टूटने की ताजा घटना की घोषणा नहीं है। आगे की कार्रवाई संबंधित आधिकारिक योजनाओं से स्पष्ट होगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आधिकारिक पोर्ट्रेट।




