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ओडिशा ने J-PAL के साथ तीन साल का समझौता किया, नीतियों को शोध और प्रमाण से जोड़ने पर जोर

ओडिशा सरकार और J-PAL दक्षिण एशिया ने प्रमाण आधारित नीतिगत निर्णयों के लिए तीन वर्ष का समझौता किया है। 5 नवंबर की ANI आधारित रिपोर्ट के मुताबिक योजना एवं अभिसरण विभाग की रश्मि काबी और J-PAL की कार्यकारी निदेशक शोभिनी मुखर्जी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। मुख्य सचिव अनु गर्ग सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

ओडिशा राज्य सचिवालय की फाइल फोटो।
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नीति बनाने से पहले प्रभाव की जांच

ओडिशा सरकार और J-PAL दक्षिण एशिया ने प्रमाण आधारित नीतिगत निर्णयों के लिए तीन वर्ष का समझौता किया है। 5 नवंबर की ANI आधारित रिपोर्ट के मुताबिक योजना एवं अभिसरण विभाग की रश्मि काबी और J-PAL की कार्यकारी निदेशक शोभिनी मुखर्जी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। मुख्य सचिव अनु गर्ग सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

विभागों के साथ कैसे काम होगा

चेन्नई के IFMR में स्थित J-PAL दक्षिण एशिया अलग-अलग विभागों की प्राथमिक समस्याएं पहचानेगा। शोध के निष्कर्षों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार ढालकर कार्यक्रमों का परीक्षण करने और सफल उपायों को बड़े स्तर पर लागू करने में सहयोग दिया जाएगा। यह साझेदारी ओडिशा विजन 2036 तथा 2047 के लक्ष्यों से जुड़ी है।

पुराने सहयोग से आगे की व्यवस्था

संस्था 2006 से राज्य में शिक्षा, कृषि, स्वच्छता, प्रशासन और लैंगिक समानता जैसे क्षेत्रों में काम करती रही है। करीब 23 हजार सरकारी स्कूलों में पढ़ाया जा रहा बरनाली पाठ्यक्रम पहले से जारी सहयोग का उदाहरण है; इसे नए समझौते का तत्काल परिणाम नहीं माना जा सकता।

छह महीने में होगी समीक्षा

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली संचालन समिति साल में दो बार परियोजना प्रस्तावों की समीक्षा करेगी। दोनों पक्षों के नोडल अधिकारी दैनिक समन्वय संभालेंगे और संबंधित विभागों से चर्चा करके परियोजनाओं का दायरा तथा अपेक्षित नतीजे तय होंगे।

ओडिशा राज्य सचिवालय की फाइल फोटो।

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