परीक्षा के साथ सीखने के मानक
मध्य प्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के मूल्यांकन में रूब्रिक पद्धति अपनाने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। फ्री प्रेस जर्नल की 4 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार नई नीति जारी होने की संभावना बताई गई है, लेकिन अंतिम लागू आदेश का उल्लेख नहीं है।
रूब्रिक पद्धति क्या बदलेगी
वर्तमान मूल्यांकन में समयबद्ध यूनिट टेस्ट, अर्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षाएं, प्रश्नपत्र तथा प्रोजेक्ट कार्य शामिल हैं। प्रस्तावित पद्धति में विद्यार्थी के प्रदर्शन को पहले से स्पष्ट मानकों और अलग-अलग सीखने के परिणामों पर परखा जाएगा।
इन मानकों में विषय का ज्ञान, समझ, प्रस्तुति और रचनात्मकता जैसे पहलू शामिल हो सकते हैं। उद्देश्य केवल एक परीक्षा के कुल अंक के बजाय सीखने का अधिक संरचित आकलन करना है। रिपोर्ट में विभाग द्वारा पद्धति का परीक्षण कर लेने की जानकारी दी गई है।
किस पर लागू होगा और क्या बाकी है
राज्य के सरकारी और निजी स्कूलों में एक करोड़ से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। अंतिम नीति में कक्षाओं, स्कूलों, कार्यान्वयन की तारीख और परीक्षा व्यवस्था का स्पष्ट विवरण आवश्यक होगा। अभी इन सबका अंतिम अधिसूचित ढांचा रिपोर्ट में नहीं दिया गया है।
इसलिए सभी परीक्षाएं तत्काल रद्द हो गईं या हर स्कूल में नई पद्धति शुरू हो गई, ऐसा दावा सही नहीं होगा। विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूलों के लिए विभाग की अंतिम अधिसूचना ही लागू व्यवस्था का आधार बनेगी।
ग्वालियर के एयर फोर्स स्कूल भवन की सांकेतिक फाइल फोटो; नई मूल्यांकन नीति यहां लागू होने का दावा नहीं है।




