कलेक्टर और SP के साथ समीक्षा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फ्री प्रेस जर्नल की 5 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में आबकारी व्यवस्था की समीक्षा हुई।
देवास की घटना के बाद निर्देश
बैठक देवास में ड्यूटी के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मृत्यु के बाद हुई। मुख्यमंत्री ने अवैध शराब बनाने वाले ठिकानों और वितरण में शामिल बिचौलियों की पहचान करके नेटवर्क समाप्त करने को कहा। शराब ले जाने वाले वाहनों की भौतिक जांच पर भी जोर दिया गया।
निर्देशों में लाइसेंसी शराब की निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री रोकना शामिल है। पुलिस और आबकारी अधिकारियों से नियमित नमूने लेने और हानिकारक पदार्थ मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया।
कार्रवाई की गुणवत्ता पर सवाल
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने आबकारी विभाग की कार्रवाई के प्रस्तुत आंकड़ों पर असंतोष जताया। रिपोर्ट के अनुसार 250 छापों में लगभग 300 लीटर शराब मिलने के विवरण पर उन्होंने कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य जहरीली शराब की घटनाएं रोकना भी है। ये प्रशासनिक निर्देश हैं; हर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अपराध स्वतः सिद्ध नहीं होता। जब्ती, परीक्षण और जांच के बाद प्रकरण की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की फाइल फोटो।




