मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रदर्शन के दौरान आदेश उल्लंघन के आरोप में छात्र के खिलाफ दर्ज FIR और संबंधित आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी है। इंडियन एक्सप्रेस की 4 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने मामले की परिस्थितियों और छात्र के अकादमिक रिकॉर्ड पर विचार किया।
2 नवंबर के आदेश में कहा गया कि मामूली कारण के लिए उसे ऐसी कार्यवाही में खींचकर करियर खराब नहीं किया जाना चाहिए। प्रकरण आदिवासी समुदाय के सदस्यों के खिलाफ दर्ज मामले के विरोध से जुड़ा था। यह संबंधित मामले के तथ्यों पर दिया गया फैसला है; इसे हर प्रकार के अनधिकृत प्रदर्शन के लिए सामान्य छूट नहीं माना जा सकता।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जबलपुर भवन की फाइल फोटो।




