मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक दीवानी विवाद में महिला पक्षकार के खिलाफ एकपक्षीय कार्यवाही हटाते हुए कहा कि वकील की लापरवाही का नुकसान मुवक्किल को नहीं उठाना चाहिए। इंडियन एक्सप्रेस की 4 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार रिकॉर्ड में महिला के नियमित संपर्क और मामले की स्थिति पूछने के संदेश थे।
30 अक्टूबर के आदेश में अदालत ने अधिवक्ता के कर्तव्य और ईमानदारी पर गंभीर टिप्पणी की। महिला का आरोप था कि उसे मामले की गलत जानकारी दी जाती रही। राहत संबंधित रिकॉर्ड पर आधारित है; इसे हर अनुपस्थिति में स्वतः आदेश रद्द होने का आश्वासन नहीं माना जा सकता।
कानून की पुरानी पुस्तकों की सांकेतिक फाइल फोटो।




