चार नवंबर को समझौतों पर हस्ताक्षर
कर्नाटक में सरकारी स्कूलों की सुविधाएं बेहतर करने के लिए 15 संगठनों के साथ 206.10 करोड़ रुपये के CSR समझौते किए गए हैं। डीके शिवकुमार ने 4 नवंबर को विधान सौध में नम्मा शाले नम्मा जवाबदारी कार्यक्रम के तहत इन पर हस्ताक्षर किए। नई व्यवस्था में 56 स्कूल शामिल हैं।
पुराने समझौते और लंबित प्रस्ताव अलग
ANI आधारित रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की शुरुआत में 18 संगठनों के साथ 33 स्कूलों के लिए 85 करोड़ रुपये के समझौते हुए थे। 12 संगठनों के 23 स्कूलों के लिए 64 करोड़ रुपये के प्रस्ताव विचाराधीन हैं। तीनों को जोड़ने पर दायरा 112 स्कूल और प्रस्तावित रकम 355.10 करोड़ रुपये होती है। इसे पूरी राशि प्राप्त या खर्च हो जाने का आंकड़ा नहीं समझना चाहिए।
गांव के प्राथमिक स्कूल मजबूत करने की सोच
शिवकुमार ने IT कंपनियों और अन्य संस्थाओं से ग्रामीण स्कूलों की आधारभूत सुविधाएं विकसित करने में भागीदारी मांगी। बताए मॉडल में संस्थाएं ढांचा तैयार करके स्कूल सरकार को सौंपती हैं। उन्होंने अपने जिले में 30 स्कूलों से जुड़े लगभग दस से बारह करोड़ रुपये के काम का उदाहरण भी दिया।
शिक्षा के लिए शहर जाने की मजबूरी घटाना लक्ष्य
पहल का उद्देश्य गांव में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना बताया गया। नए समझौतों का वास्तविक परिणाम निर्माण, संसाधनों की उपलब्धता और स्कूलों में उपयोग शुरू होने के बाद स्पष्ट होगा।
कर्नाटक के नेरलूर में सरकारी स्कूल की सांकेतिक फाइल फोटो; यह नए CSR निर्माण का दृश्य नहीं है।




