सिद्धरमैया को ज्ञापन सौंपा
कर्नाटक पिछड़ा वर्ग संघ के अध्यक्ष रामचंद्रप्पा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से मुलाकात करके सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सर्वे रिपोर्ट के क्रियान्वयन में तेजी लाने की मांग की है। संगठन ने सामाजिक न्याय, प्रतिनिधित्व और कल्याण योजनाओं की पात्रता के लिए रिपोर्ट को महत्वपूर्ण बताया।
सर्वे का दायरा क्या था
ANI आधारित रिपोर्ट के अनुसार मधुसूदन आर नाइक की अध्यक्षता वाले पिछड़ा वर्ग आयोग ने 2025 का सामाजिक-शैक्षणिक सर्वे तैयार किया। रिपोर्ट 27 मई 2026 को सौंपी गई थी। घर-घर सर्वे 22 सितंबर से 31 अक्टूबर 2025 तक चला और अनुमानित 6.14 करोड़ आबादी में लगभग 5.86 करोड़ लोगों को शामिल किया गया। करीब डेढ़ लाख गणनाकर्मी जुड़े थे।
32 और 42 प्रतिशत वाले विकल्प
13 अध्यायों में शिक्षा, रोजगार, सार्वजनिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक-आर्थिक स्थितियों का आकलन है। आयोग से संबंधित सिफारिशों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण 32 से 42 प्रतिशत करने का प्रस्ताव और मौजूदा 32 प्रतिशत ढांचे वाला विकल्प बताया गया है। प्रस्ताव को लागू नया नियम नहीं माना जा सकता।
मंत्रिमंडल का अंतिम निर्णय नहीं
रिपोर्ट के क्रियान्वयन पर मंत्रिमंडल का अंतिम निर्णय बाकी बताया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने राजनीतिक देरी से बचने और विधायिका में विस्तृत चर्चा की मांग की। पात्रता तथा आरक्षण में वास्तविक बदलाव आधिकारिक निर्णय के बाद स्पष्ट होंगे।
बेंगलुरु के विधान सौध की फाइल फोटो; कर्नाटक शासन की सांकेतिक तस्वीर।




