तीन नवंबर को इंदौर में कार्यक्रम
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय तथा मध्य प्रदेश श्रम विभाग ने इंदौर में 3 नवंबर को श्रम संवाद आयोजित किया। एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्य प्रदेश और पीथमपुर औद्योगिक संगठन के सहयोग से हुए कार्यक्रम में इंदौर-धार क्षेत्र के नियोक्ता, उद्योग प्रतिनिधि और पेशेवर शामिल हुए।
150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया
मध्य प्रदेश की श्रम आयुक्त शीतला पटले ने अध्यक्षता की। EPFO, ESIC, केंद्रीय मुख्य श्रम आयुक्त कार्यालय और श्रम कल्याण महानिदेशालय के अधिकारी मौजूद थे। मानव संसाधन, वित्त और विधि क्षेत्र सहित 150 से अधिक प्रतिभागियों ने अनुपालन तथा सामाजिक सुरक्षा संबंधी सत्रों में भाग लिया।
चार संहिताओं की व्यावहारिक जिम्मेदारियां
तकनीकी सत्रों में चार श्रम संहिताओं, केंद्रीय नियमों और नियोक्ताओं की वैधानिक जिम्मेदारियों पर जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना तथा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के बारे में भी संबंधित विभागों ने समझाया। नियोक्ताओं के लिए अनुपालन पुस्तिका और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों का संकलन साझा किया गया।
सवाल-जवाब से स्पष्टता
प्रतिभागियों ने कार्यस्थल पर नियमों के उपयोग और सामाजिक सुरक्षा को लेकर प्रश्न पूछे। कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र, राज्य और उद्योगों में समन्वय तथा जानकारी बढ़ाना था। खबर प्रशिक्षण आयोजन की है; किसी विशेष प्रतिष्ठान की कानूनी जांच या अनुपालन प्रमाणपत्र का निर्णय नहीं।
इंदौर में कागज निर्माण इकाई की सांकेतिक फाइल फोटो; यह श्रम संवाद का दृश्य नहीं है।




