2026-27 सत्र में बदला नियम
इंडियन फुटबॉल लीग ने नए सत्र में किसी भी समय मैदान पर अधिकतम तीन विदेशी खिलाड़ियों की अनुमति का नियम लागू किया है। 30 अक्टूबर से शुरू हुए 2026-27 सत्र के संदर्भ में लीग CEO नीलदीप मंडल ने बताया कि पहले चार विदेशी खिलाड़ियों वाली व्यवस्था में प्रमुख स्थान अक्सर विदेशी खिलाड़ियों के पास रहते थे।
भारतीय खिलाड़ियों को अतिरिक्त जगह
मंडल के अनुसार संख्या घटने से सेंटर फॉरवर्ड, सेंटर बैक या मध्य क्षेत्र जैसे स्थान पर भारतीय खिलाड़ी को अधिक समय मिल सकता है। दूसरा उद्देश्य क्लबों को कम संख्या में बेहतर गुणवत्ता के विदेशी खिलाड़ी चुनने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह अपेक्षित प्रभाव है; परिणाम पूरे सत्र के उपयोग से पता चलेगा।
नए क्लब और स्थानीय पहचान
नागालैंड यूनाइटेड तथा ओडिशा के समलेश्वरी SC की भागीदारी पर मंडल ने कहा कि राष्ट्रीय लीग में टीम में जगह योग्यता से मिलेगी। किसी राज्य से आने भर से उसी राज्य के क्लब में चयन की गारंटी नहीं है। स्थानीय अकादमी और खिलाड़ियों से जुड़ाव लंबे समय में बनता है।
अकादमी और प्रसारण की दिशा
रिपोर्ट में क्लबों की दो-स्टार अकादमी और आगे तीन-स्टार स्तर की दिशा का उल्लेख है। ZEE और DD Sports से जुड़ी प्रसारण साझेदारी को पहुंच बढ़ाने का माध्यम बताया गया। लीग के नियम को ISL की हर प्रतियोगिता का समान नियम नहीं समझना चाहिए।
2016 के आई-लीग फुटबॉल मुकाबले की फाइल फोटो; यह नई विदेशी खिलाड़ी नीति के बाद का मैच नहीं है।




