गुजरात के नर्मदा और भरूच क्षेत्र में पुराने वनाधिकार दावों के निपटारे को लेकर भाजपा सांसद मनसुख वसावा ने प्रशासन और वन विभाग की आलोचना की है। 5 नवंबर की इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने लंबे समय से खेती कर रहे आदिवासी किसानों के आवेदन लंबित रहने का मुद्दा उठाया।
15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती पर देशभर में वनभूमि अधिकार पत्र वितरण की तैयारी के बीच यह सवाल सामने आया है। रिपोर्ट में नर्मदा जिले में 800 से अधिक लंबित आवेदनों का उल्लेख है। वसावा के आरोप और आवेदनों की स्थिति को सभी लाभार्थियों का अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।
गुजरात के गिर क्षेत्र के वन-परिदृश्य की सांकेतिक फाइल फोटो; इसमें लंबित वनाधिकार दावों की भूमि नहीं दर्शाई गई है।




