मतदाता पंजीकरण के फॉर्म 6 और SIR से संबंधित घोषणा की ऑनलाइन प्रस्तुति को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया चर्चा में है। इंडियन एक्सप्रेस हिन्दी की 4 नवंबर की रिपोर्ट के मुताबिक आयोग ने घोषणा को फॉर्म 6 से अलग दिखाने की बात कही है।
रिपोर्ट में आयोग का पक्ष है कि दोनों को साथ रखने का उद्देश्य दो बार OTP और ई-हस्ताक्षर की जरूरत कम करना था। आयोग ने यह भी माना कि पोर्टल की प्रस्तुति से फॉर्म बदले जाने की गलतफहमी हो सकती थी।
मतदाताओं को अपने आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल का वर्तमान फॉर्म और स्थानीय निर्वाचन अधिकारी के निर्देश देखने चाहिए। इस रिपोर्ट को सभी राज्यों के लिए कोई नई अनिवार्य दस्तावेज सूची या आवेदन की नई अंतिम तारीख घोषित होना नहीं माना जाना चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जून 2025 की फाइल फोटो; फॉर्म 6 संबंधी वर्तमान बैठक का दृश्य नहीं।




