दिल्ली सरकार ने कहा है कि फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में जांच की प्रतीक्षा कर रहे मामलों की संख्या करीब एक साल में लगभग 27,000 से घटकर 5,700 रह गई है। यह लगभग 79 प्रतिशत की कमी है। इंडियन एक्सप्रेस ने ये आंकड़े गृह मंत्री कार्यालय के बयान के हवाले से दिए हैं।
सरकार के अनुसार उपकरणों, कर्मचारियों और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार से लंबित काम घटाने में मदद मिली। शेख सराय में 151.80 करोड़ रुपये की क्षेत्रीय फोरेंसिक प्रयोगशाला को भी मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई है।
फोरेंसिक रिपोर्ट में देरी से पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही प्रभावित हो सकती है। लंबित मामलों में कमी हर मुकदमे के तत्काल निपटारे की गारंटी नहीं है। नई लैब की मंजूरी और संचालन शुरू होना अलग चरण हैं।
Central Forensic Science Laboratory की पुरानी फाइल फोटो; दिल्ली की राज्य FSL या मौजूदा जांच का दृश्य नहीं।




