तीन नवंबर को मुंबई में साझेदारी
डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने 3 नवंबर को मुंबई में समझौता किया। इसका उद्देश्य बहुभाषी AI तथा भाषा तकनीक के माध्यम से निवेशक शिक्षा, वित्तीय जागरूकता और सेवाओं की जानकारी अधिक लोगों तक पहुंचाने की संभावनाएं तलाशना है।
छोटे शहरों और ग्रामीण समुदायों पर ध्यान
PIB की सूचना के अनुसार परिचर्चा में टियर-2, टियर-3 शहरों, ग्रामीण क्षेत्रों और जानकारी से कम जुड़े समुदायों की भाषाई जरूरतों पर जोर दिया गया। SEBI के प्रोजेक्ट जागरूक के तहत निवेश संबंधी अवधारणाएं परिचित भाषा तथा रोजमर्रा के उदाहरणों से समझाने की बात हुई।
किन सुविधाओं पर विचार हुआ
संभावित उपयोग में वेबसाइट और मोबाइल ऐप का अनुवाद, दस्तावेज तथा जागरूकता वीडियो का भाषांतरण, एक भाषा से दूसरी भाषा में तत्काल आवाज अनुवाद, बहुभाषी फॉर्म और आवाज आधारित सहायता शामिल हैं। क्षेत्रीय वित्तीय शब्दावली का मानवीय सत्यापन और दस्तावेजी ज्ञान का डिजिटलीकरण भी चर्चा में रहा।
समझौते के बाद परीक्षण का चरण
यह सहयोग संभावनाएं पहचानने और तकनीक लागू करने की दिशा का कदम है। सभी SEBI सेवाएं तत्काल हर भाषा में उपलब्ध हो जाने की घोषणा नहीं है। किसी निवेश उत्पाद की सिफारिश भी नहीं की गई; पहल का केंद्र जानकारी को समझने योग्य बनाना है।
भारतीय भाषाओं वाले कीबोर्ड के विकल्पों की सांकेतिक तस्वीर; यह SEBI या भाषिणी के घोषित मंच का स्क्रीनशॉट नहीं है।




