गैरहाजिरी से जुड़ी अदालत की कार्रवाई
सूरत की एक अदालत ने फिल्मकार अनुराग कश्यप के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। ANI आधारित रिपोर्ट के अनुसार मामला पिछले वर्ष ब्राह्मण समुदाय को लेकर उनकी कथित टिप्पणी से संबंधित है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता कमलेश रावल ने कहा कि समन के बावजूद पेश नहीं होने पर यह कार्रवाई हुई।
शिकायतकर्ता ने क्या बताया
रावल के अनुसार पहले समन जारी किया गया था और 5 सितंबर को उसे सार्वजनिक रूप से प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने अखबार में प्रकाशन कराने और इसके बाद भी कश्यप के उपस्थित नहीं होने का दावा किया। उपलब्ध रिपोर्ट में वारंट का उल्लेख है; गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं दी गई।
2025 की पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
मामला 16 अप्रैल 2025 की इंस्टाग्राम पोस्ट के संदर्भ में उठा था, जिसमें फिल्म फुले से जुड़े कथित सेंसरशिप विवाद पर प्रतिक्रिया थी। टिप्पणी की आलोचना होने के बाद कश्यप ने सार्वजनिक माफी मांगी थी। उन्होंने गुस्से में अनुपयुक्त भाषा इस्तेमाल करने पर पछतावा जताया और परिवार को निशाना नहीं बनाने का आग्रह किया।
माफी और कानूनी कार्यवाही अलग
शिकायतकर्ता ने माफी को पर्याप्त नहीं माना। दूसरी ओर कश्यप का सार्वजनिक पक्ष खेद और भविष्य में शब्दों पर संयम रखने का रहा है। जमानती वारंट पेशी से जुड़ी प्रक्रिया है; इसे मामले में दोषसिद्धि या आरोप सही साबित होने के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
फिल्मकार अनुराग कश्यप की फाइल फोटो।




