आंध्र प्रदेश CID ने करीब 15 करोड़ रुपये के कथित क्रिप्टो निवेश धोखाधड़ी मामले में धन के अंतरराष्ट्रीय रास्ते का पता लगाने का दावा किया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित को ऊंचे रिटर्न का भरोसा देकर निवेश कराया गया था।
जांच एजेंसी के अनुसार मामले में 13 डिजिटल वॉलेट, दो कथित फर्जी प्लेटफॉर्म और कई देशों के लेनदेन की जांच हुई। ब्लॉकचेन विश्लेषण तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग से संबंधित संपत्तियों की पहचान की गई और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए उन्हें फ्रीज कराया गया।
रिपोर्ट के अनुसार चार आरोपी भारत में गिरफ्तार हुए हैं और कुछ अन्य विदेश में होने का संदेह है। पुलिस के दावे आरोप हैं; दोष का अंतिम निर्धारण अदालत करेगी। ऊंचे लाभ के वादे के आधार पर अपरिचित प्लेटफॉर्म को धन भेजना जोखिम भरा है।
भौतिक Bitcoin प्रतीक वाला Casascius सिक्का, 2013 की सांकेतिक फोटो; केस में जब्त संपत्ति नहीं।




