इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वकीलों के विरोध के दौरान अदालत के मुख्य प्रवेश में कथित बाधा और कार्यवाही में व्यवधान पर चिंता जताई है। इंडियन एक्सप्रेस की 4 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार पीठ ने कर्मचारियों को न्यायाधीशों वाले द्वार से अंदर आने के लिए कहना पड़ा।
अदालत ने सरकारी अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति पर रिपोर्ट मांगी और कहा कि न्यायिक कामकाज ठप नहीं रह सकता। यह घटनाक्रम न्यायमूर्ति अजय भनोट के कथित व्यवहार को लेकर जारी विरोध के बीच सामने आया। अदालत की टिप्पणियों को सभी वकीलों पर सामान्य आरोप नहीं माना गया है; संबंधित घटनाओं और व्यक्तियों की पहचान की प्रक्रिया अलग है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की फाइल फोटो।




